कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता, गुफ्तगू हो न हो ख्याल तेरा ही रहता है..
बात इतनी सी थी, कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता..
बख्त कुछ थमा थमा सा है शायद कोई तूफान आने को हे
Kabhi Soft Kabhi Rude.. Inna KIller mera Attitude.
तुम अच्छे हो तो बन के दिखाओ, हम बुरे है तो साबित करो.
काश !! OLX पे उदासी और अकेलापन भी बेचा जा सकता.
हम नवाब इस लिए है क्यों की हम लोगो पे नहीं लोगो के दिलो पे राज करते है
भूख रिश्तों को भी लगती है.. प्यार परोस कर तो देखिये..!
@ हिंदुस्तान में जब लड़कियों के पास कुछ करने के नहीं होता तो वो अक्सर अपना मूड खराब कर लेती है।
@ पगली तू हमारी बराबरी क्या करेगी हम तो माचीस भी Snepdeal से मंगवाते है.....
चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ.. फिर रस्ते में एक ठेका पड़ा.. और हम गुमराह हो गए।
ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से. अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे.
कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।
कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..
होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!
नक़ाब क्या छुपाएगा शबाब-ए-हुस्न को, निगाह-ए-इश्क तो पत्थर भी चीर देती है..
ज़िन्दगी जोकर सी निकली ... कोई अपना भी नहीं.. कोई पराया भी नहीं
मेरी आँखों में बहने वाला ये आवारा सा आसूँ पूछ रहा है.. पलकों से तेरी बेवफाई की वजह..
दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है
अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !
मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं, अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है..
खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में ।
मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..
ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..!
कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है
हर किसी के हाथ मैं बिक जाने को हम तैयार नहीं.. यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं..
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.
मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!
इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नही होती.. जितनी बचपन की तस्वीर देख कर बचपन में जाने की होती हैं
@ साला किस्मत भी ऐसी है, की जिस दिन मेरा सिक्का चलेगा न, ठीक उसी दिन सरकार सिक्कों पे रोक लगा देगी..!
@ जितनी बार उसकी प्रोफाईल देखता हुं. यदि उतनी बार किताब खोल के देखता तो..कसम से यारो IAS का पेपर क्लीयर कर देता ..
दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था.. मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे..
मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का, मैं हूँ ख़ामोश जहाँ मुझको वहाँ से सुनिए....!!!
उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा.. सबसे बुरी लत कौनसी हैं, मैने कहा.. तेरे प्यार की.
क्या ऐसा नहीँ हो सकता की हम प्यार मांगे, और तुम गले लगा के कहो... और कुछ....??
वजह नफरतों कि तलाशी जाती है, मोहब्बत तो बेवजह ही हो जाती है..!!
फ्रेंड की प्रोफ़ाइल पिक्चर, लाइक करना आदत है हमारी. . . क्योंकी हर फ्रेंड के सूरत मे छिपी है खुशी हमारी.
आजकल देखभाल कर हौते हैं प्यार के सौदे... वो दौर और थे जब प्यार अन्धा होता था..!
छोङो ना यार , क्या रखा है सुनने और सुनाने मेँ किसी ने कसर नहीँ छोङी दिल दुखाने मेँ ..
यूँ ही जरा खामोश जो रहने लगे हैं हम। लोगों ने कैसे कैसे फसाने बना लिये।।
ज़िंदगी की दौड़ मे कच्चा रह गया… नही सीखा फ़रेब बच्चा रह गया…
खुदा सवाल करेगा अगर क़यामत में, तो हम भी कह देंगे लुट गए हम शराफत में...
बस ख़ामोशी जला देती है इस दिल को.. बाकि तो सब बाते अच्छी है तेरी तस्वीर में...
ज़रूरी तो नहीं के शायरी वो ही करे जो इश्क में हो, ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है…
कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल... तेरी चुपी और मेरा सवाल ....!!!!
सब को मुहब्बत के ग़म नहीं मिलते टूटने वाले दिल होते हैं ख़ास.
ज़मीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी, पर गिरा कर किसी को, ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे
कैसे चलूँ तेरे_एहसास के बिना दो_कदम भी मैं, लड़खड़ाती जिदंगी की आखरी_बैसाखी हो तुम..
मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की
Jab bhi main mujh ko dekhu... Mujh main bhi main Tujh sa lagu :')
मुजे कोइ ऐसी जगह ले चलो जहा रहु सिर्फ मे और मेरी तन्हाई







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